भारतीय क्रिकेट में धोनी का भविष्य

सफर पूरा करूंगा अभी थोड़ा रुका हूं मैं,
अधूरी जिद को पूरी करने आऊंगा मैं।
महेंद्र सिंह धोनी जिन्होंने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच साल 2019 में न्यूजीलैंड के खिलाफ वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में खेला था ।उसके बाद से पिछले 7 महीनों से उनको भारतीय जर्सी में नहीं देखा गया है।तब से कयास लगाए जा रहे हैं कि आगे धोनी का क्या भविष्य होगा क्या दुनिया उन्हें दोबारा फील्ड पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए देख पाएगी।
पहले हम लोगों के नजरिए पर नजर डालते हैं कुछ लोग जो खुद को क्रिकेट के सर्व ज्ञाता समझते हैं उनके मुताबिक अब धोनी दोबारा कभी नहीं खेलेंगे क्योंकि अब उनके अनुसार धोनी का क्रिकेट करियर खत्म हो चुका है। यह बयान वो लोग दे रहे हैं जिनका करियर कभी शुरू भी नहीं हुआ ।
अब आती है हमारी जनता की बारी जैसे ही बीसीसीआई ने अपनी  2019-2020 की सालाना कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट से धोनी का नाम हटाया तो ट्विटर पर धोनी से जुड़े #ट्रेंड करने लगे#थैंक यू धोनी #वी मिस यू धोनी आदि ।
इस जनता की सोच कैसी है यह कोई नहीं सोच सकता। अभी अगर कहीं खबर आ जाएगी धरती का विनाश होने वाला है तो ये #शुरू कर देंगे थैंक्यू अर्थ।
क्या धोनी ने बयान दिया कि मैं अब नहीं खेलूंगा ।जब धोनी ने कुछ नहीं बोला तो क्यों हम दूसरों की बातें माने। वर्ल्ड कप के बाद धोनी सीधा भारतीय सेना से जुड़ गए और देश को अपनी सेवाएं दी ।
भारतीय सेना से जुड़ने का उनका मकसद था कि हार का दर्द थोड़ा कम कर सकें और सेना की शरण मतलब भगवान की शरण।
धोनी खुद जानते हैं कि अगर अब वह थोड़े से भी असमर्थ हैं तो वह खुद को गेम से अलग कर लेते हैं जैसे उन्होंने साल 2014 में टेस्ट क्रिकेट से संयास ले कर साबित कर दिया ।
क्योंकि उन्हें लगा कि अब उन्हें अपने दस्ताने किसी प्रतिभाशाली युवा विकेटकीपर को थमा‌ देने चाहिए ‌
धोनी ने भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। पूरी दुनिया ने भारत का क्रिकेट में लोहा माना है ।
धोनी प्रेमियों के लिए एक अच्छी खबर यह है कि उन्हें 16 जनवरी झारखंड रणजी टीम के नेट्स में अभ्यास करते हुए देखा गया है ।
मतलब शेर अब शिकार करने आ रहा है ,दहाड़ने आ रहा है ।
आईपीएल में अभी लगभग 2 से 3 महीने का वक्त है और धोनी तो इतने अनुभव वाले क्रिकेटर हैं तो 3 महीने पहले से ही तैयारी क्यों कर रहे हैं ।
क्योंकि वो क्रिकेट को अपना प्यार मानते हैं और भला कोई अपने प्यार से कब तक दूर रह सकता है।
अभ्यास ही एक खिलाड़ी को सामान्य और असामान्य बनाता है।
इसलिए धोनी को अभ्यास का महत्व पता है और रही बात धोनी की वापसी की तो वो जरूर वापसी करेंगे। क्योंकि उनके दिल में एक जुनून सवार है जो वो हासिल करेंगे और जुनून इंसान की उम्र नहीं उसका हुनर देखता है।
अनहोनी को जो कर दे होनी,
भारतीय जर्सी पहने दुनिया वालों आ रहे हैं महेंद्र जानकी सिंह धोनी।

Harshit Singh Shekhawat द्वारा प्रकाशित

The boy who writes to discover himself.

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